हिन्दी व्याकरण - विलोम शब्द Antonyms

हिन्दी व्याकरण - विलोम शब्द Antonyms


हिन्दी व्याकरण - विलोम शब्द Antonyms


एक दूसरे के विपरीत अर्थ देने वाले शब्द विलोम शब्द कहलाते है।
' विलोम ' का अर्थ है ' विपरीत ' । शब्द भण्डार भाषा की विकसित अवस्था का सूचक होता है । किसी भाषा में एक प्रकार की स्थिति के लिए एक शब्द विशेष प्रचलित होता है , जबकि उससे विपरीत स्थिति का बोध कराने हेतु अन्य शब्द विशेष का प्रचलन होता है । इसे इस उदाहरण से समझा जा सकता है ।
जैसे
आनंद के लिए ' हर्ष ' शब्द प्रचलित है तो इससे विपरीत स्थिति का बोध कराने हेतु ' शोक ' शब्द प्रचलित है ।

विलोम शब्द निर्माण

विपरीत अर्थ देनेवाले शब्द निम्न प्रकार से बनते हैं –

  • उपसर्ग की सहायता से
  • लिंग - परिवर्तन के द्वारा
  • भिन्न जातीय शब्द के द्वारा
  • उपसर्ग के समान प्रयुक्त होनेवाले शब्दों में परिवर्तन से
  • नञ् समास के पद बनाकर


उपसर्ग लगाकर बनने वाले विलोम शब्द

  • ' अ ' उपसर्ग लगाकर

चल – अचल ,  चेतन -  अचेतन  ,  छूत – अछूत  ,  थाह  -  अथाह

  • ' अन् ' उपसर्ग लगाने से

एक -  अनेक  ,   अभिज्ञ – अनभिज्ञ  ,  अर्थ  -  अनर्थ   ,  आवृत्त - अनावृत्त

  • ' अप ' उपसर्ग लगाने से

यश - अपयश , कीर्त्ति -अपकीर्ति , मान - अपमान  ,  शकुन  -  अपशकुन

  • ‘दुर् ' उपसर्ग के लगाने से

दशा - दुर्दशा , आशा - दुराशा

  • ' वि ' उपसर्ग के लगाने से

क्रय  - विक्रय , पक्ष  - विपक्ष , सम -  विषम , तृष्णा - वितृष्णा , देश  - विदेश

  • ' कु ' उपसर्ग के लगाने से

रूप - कुरूप , पुत्र  - कुपुत्र

  • ' पर ' उपसर्ग के लगाने से

देशी परदेशी , लोक – परलोक

  • ' अव ' उपसर्ग के लगाने से

गुण - अवगुण

  • ' औ ' उपसर्ग के लगाने से

गुण  - औगुण

  • ' प्रति ' उपसर्ग के लगाने से

क्रिया - प्रतिक्रिया , घात -  प्रतिघात , वादी - प्रतिवादी

  • ‘निर् ' उपसर्ग के लगाने से

आशा - निराशा , आदर – निरादर , आमिष – निरामिष

  • ‘परा ' उपसर्ग के लगाने से

जय - पराजय

  • ‘ क ' के योग से

पूत - कपूत

  • ‘निस् ' उपसर्ग के योग से

छल - निश्छल , फल -  निष्फल , सन्देह -  निस्संदेह

उपसर्ग बदलने से विलोम शब्द

  • ‘स ' के स्थान पर ' निर्' 

सजीव -  निर्जीव , सदोष – निर्दोष , सार्थक- निरर्थक

  • ‘स ' के स्थान पर ‘ वि’ 

सधवा -  विधवा

  • ‘सु ' के स्थान पर ‘कु'  

सुपात्र - कुपात्र , सुयोग – कुयोग , सुरीति – कुरीति

  • ‘सत् ' के स्थान पर ' दुर्’ 

सदाचार - दुराचार , सदुपयोग – दुरुपयोग

  • ‘अ ' के स्थान पर ' सु'

अकाल - सुकाल , अरुचि -  सुरुचि

  • ‘अ ' के स्थान पर ' प्र’

अवर -  प्रवर

  • ‘सु ' के स्थान पर ‘दुर्'

सुबोध -  दुर्बोध

  • ‘पूर्व के स्थान पर ' पर'

पूर्ववर्ती - परवर्ती

  • ‘सम् ' के स्थान पर ‘वि’

संकल्प - विकल्प , सम्पन्नता- विपन्नता

  • ‘अनु ' के स्थान पर वि 

अनुराग -  विराग

  • ‘अ ' के स्थान पर ' स’ 

अनाथ - सनाथ

  • ‘आ ' के स्थान पर प्र 

आदान - प्रदान

  • ‘उत् ' के स्थान पर ' अप'  

उत्कर्ष - अपकर्ष

  • ‘उप ' के स्थान पर ' पर’  

उपसर्ग - परसर्ग

  • ‘वि ' के स्थान पर ' परा ' 

विभव - पराभव , विजय - पराजय

  • ‘स्व ' के स्थान पर ' पर ' 

स्वार्थ -  परार्थ , स्वतन्त्र - परतन्त्र

  • ‘स ' के स्थान पर " दुर '  

सबल -  दुर्बल

  • ' स ' के स्थान पर ' क '  

सपूत - कपूत

  • ‘अनु ' के स्थान पर ' प्रति’ 

अनुकूल -  प्रतिकूल , अनुलोम -  प्रतिलोम

  • ‘उत् ' के स्थान पर ‘नि '  

उत्कृष्ट - निकृष्ट

  • ‘उत् के स्थान पर ' अव '  


उन्नति – अवनति

  • ‘सम् ' के स्थान पर ‘अप '  

सम्मान – अपमान

  • ‘उप ' के स्थान पर ‘अप ' 


उपकार - अपकार , उपचय- अपचय

  • ‘आविर्’ के स्थान पर ' तिरो ' 


आविर्भाव - तिरोभाव , आविर्भूत -  तिरोभूत

  • ‘अन्तर् ' के स्थान पर ' बहिर ' 


अन्तरंग - बहिरंग , अन्तर्भाव – बहिर्भाव

लिंग परिवर्तन से विलोम शब्द

लड़का - लड़की , मोर – मोरनी ,  सेठ - सेठानी ,
कवि - कवयित्री , विद्वान – विदुषी , हाथी – हथिनी


स्थायी या निश्चित विलोम शब्द

अवनि – अम्बर , अर्पण - ग्रहण ,  अग्र - पश्च ,
अनिवार्य - ऐच्छिक , अमृत - विष , अथ – इति ,
अधम - उत्तम , अर्वाचीन – प्राचीन , आय - व्यय ,
आरम्भ - अन्त , कृपण – उदार , उत्थान - पतन ,
उग्र  - सौम्य , उत्तर – दक्षिण , खल - सज्जन ,
गुरु – लघु , ग्राह्य – त्याज्य , गृहस्थ - संन्यासी ,
तामसिक - सात्विक , तीव्र – मंथर , दिन - रात ,
दीर्घ -हस्व , निन्दा – स्तुति , निंद्य - वंद्य ,
बन्धक -  मुक्त , मिथ्या - सत्य , योगी - भोगी ,
राजा – रंक , लाभ - हानि , शोक - हर्ष ,
सात्विक – तामसिक , नैसर्गिक- कृत्रिम , अग्र - पश्च ,
अगला – पिछला , अघोष - सघोष , अतिवृष्टि - अल्पवृष्टि ,
अधम - उत्तम , अनुज - अग्रज , अपना - पराया ,
अपराधी – निरपराध , अभ्यन्तर – बाह्य , अर्थ - अनर्थ ,
अभिज्ञ – अनभिज्ञ , अल्पायु - दीर्घायु , अल्पसंख्यक - बहुसंख्यक ,
अस्वस्थ – स्वस्थ , आकाश - पाताल , आजादी - गुलामी ,
आदर – निरादर , आधार - निराधार , आंतरिक - बाहय ,
आय – व्यय , आरम्भ - अन्त , आर्द्र - शुष्क ,
आशा – निराशा , अधिक - न्यून , आशीष - दुराशीष ,
आसक्त - अनासक्त , आस्था – अनास्था ,  आज्ञा - अवज्ञा,
उचित - अनुचित , उत्कर्ष – अपकर्ष , उत्तम - अधम ,
उदय - अस्त , उदार - अनुदार , उधार - नकद ,
उन्मुख - विमुख , उन्मूलन - रोपण , उन्नत – अवनत ,
उपकार - अपकार , एक – अनेक , औपचारिक - अनौपचारिक ,
कदाचार - सदाचार , कोमल - कठोर , कृतज्ञ - कृतघ्न ,
खण्डन - मण्डन , खरा - खोटा , खल - सज्जन ,
खाद्य - अखाद्य , खिलना - मुरझाना , खुला - बन्द  ,
गुप्त - प्रकट , गुण  - दोष , गरिमा - लघिमा  ,
घाटा – मुनाफा, चढ़ाव - उतार , चतुर - मूढ / मूर्ख ,
नश्वर – चिरायु , जड - चेतन , जय -पराजय ,
 जरा – शैशव,  झगड़ालू - शान्त , झूठ  - सच ,
तिरस्कार - सत्कार , तुच्छ - महान ,  दण्ड - पुरस्कार ,
दयालु - निर्दय , दरिद्र – सम्पन्न , द्वन्द्व - निर्द्वन्द्व ,
दक्षिण - वाम / उत्तर , दीर्घकाय - कृशकाय , दुर्जन - सज्जन ,
दुर्बल - सबल , दुराशय- सदाशय ,  धनी - निर्धन ,
नश्वर - अनश्वर , निडर - कायर / डरपोक , निन्दा - स्तुति ,
निरपेक्ष - सापेक्ष , निर्गुण - सगुण , निर्दय - सदय ,
पाश्चात्य - पौर्वात्य  , बैर - प्रीति , मधुर - कटु ,
ममता - निष्ठुरता / घृणा , महात्मा - दुरात्मा , मादा - नर ,
मान - अपमान , मानव - दानव , मितव्ययी - अपव्ययी ,
मुख्य - गौण , मूक - वाचाल , याचक - दाता ,
रोगी – स्वस्थ , विधवा - सधवा , विधि - निषेध ,
विराग - अनुराग , विशिष्ट- सामान्य / साधारण , विस्तृत संक्षिप्त ,
विस्मरण - स्मरण , विज्ञ - अज्ञ , व्यष्टि - समष्टि ,
शाश्वत - नश्वर / क्षणिक , शीत - उष्ण , सकाम - निष्काम ,
सजल - निर्जल , सक्रिय - निष्क्रिय , सजातीय - विजातीय ,
सत्कार - तिरस्कार , सद्भावना -  दुर्भावना , सज्जन - दुर्जन ,
सम्मुख - विमुख , सरस - नीरस , समष्टि – व्यष्टि ,
सर्वज्ञ - अल्पज्ञ , संन्यासी - गृहस्थ , साकार – निराकार ,
सामान्य -विशेष , सूक्ष्म - स्थूल , सौम्य - उग्र ,
स्वतन्त्र- परतन्त्र , हर्ष - विषाद / शोक , विपन्न - सम्पन्न ।
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